➤ चुनाव प्रक्रिया शुरू न होने पर नाराजगी
➤ एल्डर्स कमेटी की कार्यशैली पर उठे सवाल
➤ मॉडल बायलॉज के उल्लंघन का आरोप, जल्द चुनाव की मांग
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। अधिवक्ता नरेश सिंह यादव द्वारा अध्यक्ष/सचिव को भेजे गए पत्र ने बार एसोसिएशन की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्र के अनुसार, बार एसोसिएशन फतेहगढ़ का वार्षिक चुनाव वर्ष 2025 में 28 फरवरी को संपन्न हुआ था, जिसके बाद 7 मार्च 2025 को निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया और नई कार्यकारिणी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था। पत्र में उल्लेख किया गया है कि उस समय नामांकन पत्र के साथ एक वर्ष के कार्यकाल का शपथपत्र भी प्रस्तुत किया गया था।
इसके बावजूद वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जो कि बार एसोसिएशन के निर्धारित मॉडल बायलॉज के प्रावधानों के विपरीत बताया जा रहा है। अधिवक्ता का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में देरी से अधिवक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और संगठन की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
पत्र में एल्डर्स कमेटी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता नरेश सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि एल्डर्स कमेटी की उदासीनता के कारण चुनाव प्रक्रिया लंबित पड़ी है, जिससे उसकी निष्पक्षता पर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बार एसोसिएशन जैसे महत्वपूर्ण संगठन में समय पर चुनाव कराना आवश्यक है, ताकि अधिवक्ताओं का विश्वास बना रहे और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से संचालित हो सके। अधिवक्ता ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि बार एसोसिएशन फतेहगढ़ के वर्ष 2026-27 के चुनाव की प्रक्रिया को अविलंब शुरू कराया जाए और इसे निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।
इस मामले के सामने आने के बाद बार एसोसिएशन के भीतर हलचल तेज हो गई है और अधिवक्ताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
(यूथ इंडिया ब्यूरो)


