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Friday, March 20, 2026

विजय सिंह के घर विस्फोट और सेनापति का पुराना ब्लास्ट जिसमें बाल -बाल बचे थे,सदर विधायक मेजर द्विवेदी

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– क्या यह महज संयोग या गहरी साजिश?
– सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के एक दिन पूर्व ही हुआ धमाका
– अंडरग्राउंड एरिया में धमाका, जांच में कई एंगल
– क्या पुराने हत्याकांड और ताजा घटना के बीच कोई कड़ी?

फर्रुखाबाद। जिले में सपा नेता पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर 17 मार्च 2026 को हुए भीषण धमाके ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि घटना के एक दिन बाद 18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पूर्व विधायक विजय सिंह की आजीवन सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई प्रस्तावित थी, जो बहुचर्चित भाजपा नेता रहे स्वर्गीय ब्रह्म दत्त द्विवेदी हत्याकांड से जुड़ी है।
इस मामले में पैरवी दिवंगत नेता के पुत्र और वर्तमान विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी कर रहे हैं, जिन्हें इस केस में एक प्रमुख पक्षकार माना जाता है। ऐसे में सुनवाई के एक दिन पूर्व ही हुआ यह धमाका कई संदेहों को जन्म दे रहा है। वहीं सदर विधायक की जान को भी खतरा पैदा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुराने धमाके से मिलती-जुलती कड़ी?
सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व सेनापति मोहल्ला स्थित विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के आवास के पास भी इसी तरह का तेज धमाका हुआ था। उस समय भी पूरा इलाका दहल उठा था और कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई थीं। सदर विधायक अपने आवास पर ही थे और वह बाल बाल बचे थे।
अब ताजा घटना में भी धमाके की तीव्रता और प्रभाव को लेकर स्थानीय लोग पुराने मामले से समानता जोड़ रहे हैं। 17 मार्च 2026 को हुआ ताजा विस्फोट पूर्व विधायक विजय सिंह के नाला मछरट्टा स्थित घर के अंडरग्राउंड हिस्से में बताया जा रहा है। यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है कि आखिर इतनी शक्तिशाली घटना बंद स्थान में कैसे हुई। और पूर्व विधायक पुत्र समेत आधा दर्जन लोग कैसे गंभीर घायल हो गए धमाके के वक्त बह वहां क्या कर रहे थे? कौन सी तैयारी चल रही थी? और कौन सा परीक्षण चल रहा था?
हालांकि एटीएस और फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है और विस्फोट के प्रकार, इस्तेमाल सामग्री और संभावित कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में मौके पर बारूद के अवशेष मिले, यह भी स्पष्ट हो गया की धमाका सिलेंडर फटने अथवा मीथेन गैस से नहीं हुआ मौके पर चार सिलेंडर बरामद भी हुए। हुआ धमाका बिल्कुल हैंड ग्रेनेड जैसा था और मौके पर घायल हुआ नूरपुर निवासी भैया लाल दबंग प्रवत्ती का शातिर बताया जाता है जो की गंभीर रूप से घायल भी हुआ यानी की धमाका जिस कारण हुआ तो वह उस कारण के सबसे करीब था, और अन्य घायल भी आसपास ही थे।
स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में सजा काट रहे सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह की जमानत और अपील को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है।और वो बनारस जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि इस केस में सबसे मजबूत विरोध और पैरवी विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की ओर से की जा रही है।
ऐसे में सुनवाई के एक दिन पूर्व हुआ यह धमाका महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश?यह सवाल अब तेजी से उठने लगा है।
पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।क्या यह विस्फोट अंदरूनी कारणों से हुआ?, क्या इसमें किसी बाहरी तत्व की भूमिका है?, क्या पुराने घटनाक्रम से कोई कनेक्शन है?, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग इसे साधारण घटना मानने को तैयार नहीं हैं और तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
डीआईजी हरिश्चंद्र के अलावा पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक के मकान में लगे कैमरों का डीवीआर समेत कई अहम सबूत जब्त कर लिए गए हैं, सिलेंडर फटने की बात सामने नहीं आई है, मकान में मौजूद सभी सिलेंडर सुरक्षित हैं। पूर्व विधायक के मकान को भी पुलिस कस्टडी में कर लिया गया है, सभी घायलों के बेहतर उपचार के लिए प्रबंध किए गए हैं। विधायक के पुत्र समेत एक को केजीएमयू में इलाज के लिए लखनऊ भिजवाया गया है। संबंधित लोगों के विरुद्ध बीएनएस की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है, उसके बावजूद जो लोग बोल पा रहे हैं वह पुलिस की जांच में कतई सहयोग नहीं कर रहे धमाके की घटना से पुलिस को अवगत नहीं कराया गया था, फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
(नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।)

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