– डीआईजी हरिश्चंद्र पहुंचे मौके पर, बेसमेंट ब्लास्ट की आशंका — 6 लोगों पर मुकदमा
फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट के मामले में अब जांच तेज हो गई है। घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, धमाका मकान के बेसमेंट में हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि तीन मंजिला इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। खिड़कियां, दरवाजे, दीवारें और छत तक क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई।
इस हादसे में पूर्व विधायक के दो पुत्रों सहित कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ से ए एटीएस , डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। ये टीमें घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही हैं और विस्फोट के कारणों की गहन जांच कर रही हैं।
कानपुर मंडल के डीआईजी हरिश्चंद्र भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों को हर पहलू की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए।
एसपी और डीएम ने लिया जायजा
बुधवार को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने भी भारी पुलिस बल के साथ मौके का निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेकर जांच को तेज करने के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच में विस्फोटक सामग्री के कारण धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। इसी आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक के पुत्रों सहित 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रशासन का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और विशेषज्ञ टीमों की रिपोर्ट के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
यह विस्फोट अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एटीएस की एंट्री के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस धमाके के पीछे की सच्चाई क्या है।
पूर्व विधायक विजय सिंह के घर धमाके की जांच तेज, एटीएस व फॉरेंसिक टीमों ने संभाला मोर्चा


