लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC-5) के लक्ष्य में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां इस कार्यक्रम के लिए 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया गया था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने और अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार की एजेंसी इन्वेस्ट यूपी द्वारा जीबीसी-5 के आयोजन की तैयारियां पहले दिसंबर या जनवरी में कराने की योजना थी। हालांकि, नरेंद्र मोदी के कार्यालय से उद्घाटन के लिए समय नहीं मिल पाने के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए फरवरी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस बार जीबीसी-5 को पहले से अधिक भव्य और प्रभावशाली बनाने की योजना है, जिसमें देश-विदेश के बड़े निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए और अधिक से अधिक उद्योगों को प्रदेश में लाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य हासिल होता है, तो इससे न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। सरकार विभिन्न सेक्टर—जैसे मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, ऊर्जा और कृषि आधारित उद्योगों—में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि जीबीसी-5 उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास के नए आयाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा और यह आयोजन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
यूपी में जीबीसी-5 का लक्ष्य बढ़ा: अब 10 लाख करोड़ निवेश का रखा गया टारगेट


