लखनऊ: माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बुधवार से पूरे प्रदेश में एक साथ शुरू हो रहा है। इस बार मूल्यांकन कार्य के लिए कुल 250 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें हाईस्कूल की कॉपियों की जांच के लिए 117 केंद्र, इंटरमीडिएट के लिए 111 केंद्र तथा दोनों स्तरों की कॉपियों के लिए 22 संयुक्त केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस विशाल प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए करीब 1.53 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 18 मार्च से शुरू होकर यह मूल्यांकन कार्य एक अप्रैल तक लगातार चलेगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बोर्ड की ओर से 75 संकलन केंद्रों के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रूप से संबंधित मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचा दिया गया है। इसके साथ ही मंगलवार को सभी नियुक्त शिक्षकों, परीक्षकों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि मूल्यांकन कार्य के दौरान किसी प्रकार की गलती या लापरवाही न हो।
मूल्यांकन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 75 मुख्य नियंत्रक और 250 उप नियंत्रकों की नियुक्ति की गई है, जो पूरे कार्य की निगरानी करेंगे। हाईस्कूल स्तर पर लगभग 4300 अंकेक्षक, 8550 उप-प्रधान परीक्षक और 83,800 परीक्षक लगाए गए हैं, जबकि इंटरमीडिएट स्तर पर करीब 2590 अंकेक्षक, 5300 उप-प्रधान परीक्षक और 48,990 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, उपस्थिति की सख्त व्यवस्था और गोपनीयता के विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद का उद्देश्य है कि सभी छात्रों को समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष परिणाम उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की देरी न हो।


