फर्रुखाबाद। हुए भीषण विस्फोट के बाद जांच तेज, सीसीटीवी फुटेज से खुल सकते हैं कई राज
फर्रुखाबाद। पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर हुए रहस्यमयी और भीषण धमाके के मामले में पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अब एक अहम कड़ी पुलिस के हाथ लगी है। घटना स्थल से बरामद सीसीटीवी का डीवीआर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। माना जा रहा है कि यही डीवीआर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग अब जांच का मुख्य केंद्र बन चुकी है। डीवीआर के जरिए धमाके से पहले घर में कौन आया और कौन गया घटना के समय घर के भीतर और बाहर क्या गतिविधियां हुईं,
किसी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी या हरकत,इन सभी बिंदुओं की गहन जांच की जाएगी। तकनीकी विशेषज्ञ डीवीआर की फुटेज को खंगालकर घटना की सटीक टाइमलाइन तैयार करने में जुटे हैं।
गौरतलब है कि पूर्व विधायक के आवास पर हुए इस जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया था। धमाके में परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए,आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई
मकान को भारी क्षति पहुंची
घटना के बाद तत्काल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
घटना के बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
विस्फोट के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है
संदिग्ध पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं
तकनीकी साक्ष्यों को डीवीआर फुटेज से मिलान किया जाएगा
इस समन्वित जांच से घटना की वास्तविक वजह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल इस बात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है कि धमाका महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि
तकनीकी साक्ष्य,
सीसीटीवी फुटेज,
फॉरेंसिक रिपोर्ट,
इन सभी के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट, इलाके में सतर्कता
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर हुआ धमाका अब एक संवेदनशील जांच का विषय बन चुका है। ऐसे में पुलिस के कब्जे में आया डीवीआर इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है, जिससे यह तय होगा कि यह घटना हादसा थी या किसी गहरी साजिश का हिस्सा।


