लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एलपीजी और कमर्शियल गैस की किल्लत अभी भी बनी हुई है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में गैस की कमी के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद, आजमगढ़ और हापुड़ जैसे जिलों में गैस की कमी का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हापुड़ में गैस न मिलने के कारण फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हो रहा है, जबकि छोटे दुकानदार और घरेलू उपभोक्ता भी परेशानी झेल रहे हैं।
लखनऊ में एक गैस एजेंसी पर 167 सिलेंडर ब्लैक में बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में नगराम थाने में तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर फूड इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। छोटे ढाबे और होटल अब मजबूरी में लकड़ी और भट्टियों का सहारा ले रहे हैं, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ गई हैं। वहीं बड़े रेस्टोरेंट और होटल संचालक भी गैस की कमी से जूझ रहे हैं।
कई जिलों से गैस की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मांग अधिक होने के बावजूद आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से सिलेंडर बेच रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गैस संकट के चलते आम जनजीवन और कारोबार दोनों प्रभावित हो रहे हैं, जिससे जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है।
यूपी में गैस की किल्लत बरकरार, कालाबाजारी के आरोपों से बढ़ी परेशानी


