फर्रुखाबाद: विकासखंड कमालगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पट्टीया छेदा सिंह से शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर करने वाला एक वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में जहां एक ओर मासूम बच्चे पढ़ाई की बजाय विद्यालय परिसर में काम करते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपस्थिति रजिस्टर को लेकर प्रधानाध्यापिका का बयान भी सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे मामले ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में विद्यालय के छात्र पढ़ाई करने के बजाय अलग-अलग कार्य करते दिखाई दे रहे हैं। शिक्षा के लिए विद्यालय पहुंचे बच्चों से इस तरह काम कराना नियमों के विपरीत है और यह सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाता है।
इसी दौरान ग्राम प्रधान के पुत्र संदीप कठेरिया ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीना परिहार से शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सवाल किया। पूछताछ में प्रधानाध्यापिका द्वारा कथित रूप से यह कहा गया कि विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति लंच के बाद दर्ज की जाती है, जो नियमों के विपरीत माना जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर बच्चों से काम कराए जाने का मामला सामने आया है, तो दूसरी ओर समय पर उपस्थिति दर्ज न किए जाने की बात ने विद्यालय की कार्यप्रणाली पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस जांच कमेटी मेंखंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) राजीव श्रीवास्तव खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार (शमशाबाद)खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य (मोहम्मदाबाद) को शामिल किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह मे जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पहले से ही पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बच्चों से काम कराना और नियमों की अनदेखी करना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


