लखीमपुर खीरी। जिले के ममरी क्षेत्र में सोमवार को बाघ के हमले से एक युवक की मौत हो गई। बताया गया कि युवक खेत में पशुओं के लिए गन्ने की पत्तियां काट रहा था, तभी गन्ने के बीच छिपे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार नंदलालपुर गांव निवासी मनोज कुमार (23) सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कठिना नदी के पास स्थित खेत में गया था। वह वहां पशुओं के चारे के लिए गन्ने की पत्तियां काट रहा था। इसी दौरान गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों ने घायल अवस्था में मनोज को तुरंत गोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल फैल गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद टीम को क्षेत्र में भेजा गया है। गन्ने के खेतों में बाघ की तलाश की जा रही है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार मृतक मनोज अपने पिता गजोधर लाल के तीन बेटों में दूसरे नंबर का था। परिवार में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं, क्योंकि उसकी शादी अगले महीने 25 अप्रैल को तय थी। अचानक हुई इस घटना से घर की खुशियां गम में बदल गईं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस बीच क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले भी बाघ के हमलों में लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला। पीड़ितों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।


