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Saturday, March 14, 2026

किसानों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कायमगंज को दिया पत्र

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भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने उठाई विभिन्न समस्याएं

शमशाबाद/कायमगंज, फर्रुखाबाद। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों व किसानों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी कायमगंज को सौंपा। ज्ञापन जिलाधिकारी फर्रुखाबाद के माध्यम से भेजते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

जानकारी के अनुसार भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत तथा जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद्र सक्सेना के नेतृत्व में किसान नेताओं ने एसडीएम कायमगंज को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि सीएचसी कायमगंज में नेत्र चिकित्सक और सर्जन का पद पिछले लगभग दस वर्षों से रिक्त पड़ा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने इन पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति करने की मांग की।

इसके साथ ही ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया जाता है, लेकिन क्षेत्र में इंडियन और एचपी गैस एजेंसियों द्वारा कालाबाजारी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कई स्थानों पर बुकिंग कार्यालय भी बंद रहते हैं। किसानों ने इस मामले की जांच कराकर समस्या का समाधान कराने की मांग की।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि राजकीय बीज भंडार कायमगंज में तैनात बीटीएम शिवपाल सिंह द्वारा सरकार की ओर से किसानों को निःशुल्क वितरित की जाने वाली कीटनाशक दवाइयां चहेते लोगों को दी जा रही हैं, जिससे कई गांवों के किसान इससे वंचित रह जाते हैं। किसानों ने ऐसे अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की।

ज्ञापन में आधार कार्ड बनवाने की समस्या भी उठाई गई। किसानों का कहना है कि नगर पालिका कायमगंज तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जन सेवा केंद्रों पर आधार कार्ड बनवाने या संशोधन कराने जाते हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी बार-बार आवेदन निरस्त कर देते हैं। किसानों ने इस मामले में कार्रवाई कर आधार कार्ड बनवाने की व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की।

इसके अलावा अंश निर्धारण में लेखपालों द्वारा किसानों के नाम और अन्य विवरणों में गलतियां करने तथा उन्हें ठीक कराने के नाम पर धन उगाही करने का आरोप भी लगाया गया। किसानों ने इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

किसानों ने यह भी कहा कि इस वर्ष आलू की फसल में भारी नुकसान के कारण किसान आर्थिक संकट में हैं और कई किसान आत्महत्या करने की स्थिति में पहुंच गए हैं। इसलिए सरकार से किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने बताया कि शाम के समय खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है और प्रतिदिन कटौती की जा रही है। किसानों ने कटौती बंद कर पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

इसके अलावा कायमगंज, शमशाबाद और आताईपुर को जोड़ने वाली सड़क के घटिया निर्माण की शिकायत करते हुए कहा गया कि सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। किसानों ने डामरीकरण कराकर सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि आगामी 16 मार्च को नई दिल्ली के जंतर-मंतर तथा 18 और 19 मार्च को चेन्नई रेलवे परिसर में किसान पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें किसान ट्रेन से बिना टिकट यात्रा कर भाग लेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि यात्रा के दौरान किसानों के साथ कोई अभद्र व्यवहार किया गया तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत, जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद्र सक्सेना, रमेश चंद्र पाल, बाबू रामपाल, बृजेश कुमार, सत्यपाल सिंह यादव, दीपू सक्सेना सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और किसान मौजूद रहे।

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