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Saturday, March 14, 2026

आरटीई के तहत लाखों बच्चों के लिए खुले निजी स्कूलों के दरवाजे

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योगी सरकार की पहल से प्रथम और द्वितीय चरणों में 1.56 लाख से अधिक बच्चों को मिला प्रवेश

प्रथम चरण में प्रदेश भर में 1.09 लाख से अधिक सीटों का हुआ आवंटन

द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से ज्यादा बच्चों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश

लखनऊ, कानपुर नगर और आगरा जैसे जनपदों में सर्वाधिक छात्रों को मिला प्रवेश का अवसर

लखनऊ, 14 मार्च। योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।

प्रदेश में आरटीई के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में मिलाकर 1.56 लाख से अधिक छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया जा चुका है जबकि द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। इस प्रकार बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन सत्यापित किए गए। आरटीई के तहत सर्वाधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जनपदों में हुए हैं, जहां हजारों बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है। इसी प्रकार अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फीरोजाबाद और बरेली जैसे जिलों में भी हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है।

आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। योगी सरकार ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है ताकि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया के आगामी चरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके।

सर्वाधिक प्रवेश वाले जनपद

लखनऊ
L1: 12,097
L2: 3,489
कुल: 15,586 सीटें

कानपुर नगर
L1: 7,128
L2: 1,822
कुल: 8,950 सीटें

वाराणसी
L1: 7,140
L2: 989
कुल: 8,129 सीटें

आगरा
L1: 4,989
L2: 1,771
कुल: 6,760 सीटें

मुरादाबाद
L1: 4,080
L2: 1,890
कुल: 5,970 सीटें

अलीगढ़
L1: 4172
L2: 1189
कुल: 5,361 सीटें

बुलंदशहर
L1: 3,761
L2: 1,584
कुल: 5,345 सीटें

मेरठ
L1: 3,691
L2: 1,235
कुल: 4,926 सीटें

गाजियाबाद
L1: 3,540
L2: 1,350
कुल: 4,890 सीटें

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