लखनऊ: प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र दिलाने के झांसे में ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी आयुष बघेल टेलीग्राम पर चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र भेजता था और उनसे ऑनलाइन धनराशि वसूलता था।
एसटीएफ के अनुसार, आयुष बघेल “यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026”, “रिजल्ट पैनल प्राइवेट” और “यूपी एसआई परीक्षा प्रश्नपत्र-2026” नाम के चैनलों पर अभ्यर्थियों को उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देता था। आरोपी प्रश्नपत्र के पहले पेज को एडिट कर असली बताकर भेजता और फिर क्यूआर कोड तथा भुगतान पहचान संख्या के माध्यम से पैसे वसूलता था।
इस मामले में थाना हुसैनगंज में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ को सूचना मिली कि गिरोह का एक सदस्य आगरा में मौजूद है, जिसके बाद न्यू आगरा थाना क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आयुष बघेल ने अपने कार्यों की स्वीकृति दी और बताया कि इस तरह अभ्यर्थियों का भरोसा जीतकर उनसे धनराशि ली जाती थी। एसटीएफ अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फर्जी चैनलों और ठगी के प्रयास अभ्यर्थियों के लिए गंभीर खतरा हैं और उन्हें सतर्क रहना चाहिए।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश भी गया है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एसटीएफ और पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखा जा सके।


