केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई हिरासत को समाप्त कर दिया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार एनएसए के तहत सोनम वांगचुक की हिरासत को रद्द कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू होगा और इसके साथ ही उनकी हिरासत समाप्त मानी जाएगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा मामले की समीक्षा के बाद लिया गया है। आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को इसे तत्काल लागू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
सोनम वांगचुक लद्दाख से जुड़े सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचारों और वैकल्पिक शिक्षा मॉडल को देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल चुकी है।
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस निर्णय के पीछे के विस्तृत कारणों को लेकर कोई अतिरिक्त आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।


