हरदोई/फर्रुखाबाद। लोकतंत्र सेनानी और संत समाज के सम्मानित संत दंडी स्वामी महेश्वरानंद तीर्थ का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्वामी महेश्वरानंद तीर्थ, महेश मिश्रा पुत्र नन्हेंलाल मिश्रा के नाम से भी जाने जाते थे। वे दंडी संन्यासी परंपरा से जुड़े हुए थे और उनके गुरु स्वामी हरीसुरानंद तीर्थ थे। उनका संबंध श्री राम जानकी शिव पार्वती मंदिर, लखनौर (जिला हरदोई) से रहा है, जहां वे लंबे समय से आध्यात्मिक सेवा और साधना में लगे हुए थे।
पंचाल घाट पर होगी जल समाधि
संत परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार फर्रुखाबाद के पवित्र पंचाल घाट पर किया जाएगा, जहां उन्हें जल समाधि दी जाएगी। श्रद्धालु और संत समाज के लोग अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ ने जताया शोक
जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ सरस्वती ने स्वामी महेश्वरानंद तीर्थ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ शाम तक पंचाल घाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। स्वामी महेश्वरानंद तीर्थ का जीवन संत परंपरा, आध्यात्मिक साधना और समाज सेवा को समर्पित रहा। उनके निधन से संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक व्याप्त है।


