मैनपुरी। मार्च के महीने में बढ़ती गर्मी के बीच मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। जनपद मैनपुरी के किशनी और बेवर क्षेत्र में सुबह-सुबह घना कोहरा छा जाने से लोगों को दिसंबर जैसी ठंड का एहसास हुआ। अचानक छाए कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई।
मंगलवार तड़के जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर कोहरे की घनी चादर छाई हुई थी। सुबह बढ़ने के साथ ही कोहरा और अधिक घना हो गया। कुछ समय के लिए दृश्यता लगभग 10 से 12 मीटर तक ही रह गई, जिसके कारण सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद सावधानी से वाहन चलाना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन चालकों को सड़क किनारे रुककर कोहरा कम होने का इंतजार भी करना पड़ा।
किशनी और बेवर क्षेत्र में कोहरे के कारण सुबह के समय यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बाजार जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठंडक भी महसूस की गई, जिससे लोगों को सर्दी के दिनों की याद आ गई।
हालांकि सुबह करीब नौ बजे के बाद धीरे-धीरे कोहरा छंटने लगा और साढ़े नौ बजे तक धूप निकल आने से मौसम सामान्य होने लगा। धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और जनजीवन फिर से सामान्य हो गया।
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज को लेकर लोग हैरान नजर आए। आमतौर पर मार्च के महीने में तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन इस तरह अचानक घना कोहरा छा जाने से लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास हो गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण इस तरह की परिस्थितियां बन सकती हैं, जिससे कुछ समय के लिए कोहरा और ठंडक महसूस होती है।


