सपा सरकार में बनी थी योजना, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की कोशिश भी बेअसर
– जर्जर बिजली लाइन और सड़क के बीच खड़े खंभे बने खतरा, हर समय हादसे का डर
फर्रुखाबाद। शहर में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए करीब दस वर्ष पहले भूमिगत विद्युत लाइन योजना तैयार की गई थी, लेकिन आज तक यह योजना कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान शहर की बिजली लाइनों को जमीन के भीतर (अंडरग्राउंड) डालने की तैयारी की गई थी, ताकि सड़कों पर खड़े बिजली के खंभों और उलझे तारों से लोगों को राहत मिल सके।
लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी यह योजना पूरी तरह ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। शहर के कई इलाकों में आज भी जर्जर बिजली लाइनें और सड़क किनारे या बीचों-बीच खड़े खंभे लोगों के लिए जानलेवा खतरा बने हुए हैं।
इस मुद्दे को लेकर सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने भी कई बार शासन और बिजली विभाग के सामने मामला उठाया और योजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए, लेकिन इसके बावजूद योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
शहरवासियों का कहना है कि यदि बिजली लाइनों को जमीन के भीतर डालने की योजना समय पर लागू कर दी जाती तो बिजली के तारों के जाल और खंभों से होने वाले खतरे से काफी हद तक राहत मिल जाती। वर्तमान में कई स्थानों पर पुराने खंभे और झूलते तार दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से योजना लंबित रहने के कारण शहर की बिजली व्यवस्था असुरक्षित बनी हुई है। तेज आंधी या बारिश के दौरान तार टूटने और खंभे गिरने का खतरा भी बना रहता है।
शहर के नागरिकों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि भूमिगत विद्युत योजना को जल्द लागू कर बिजली लाइनों को जमीन के भीतर डाला जाए, ताकि शहर की बिजली व्यवस्था सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके और किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
फर्रुखाबाद में भूमिगत विद्युत योजना 10 साल बाद भी अधूरी


