कम कीमत के कारण किसान बाजार में बिक्री से बच रहे, कोल्ड स्टोरेज में भंडारण पर बढ़ा जोर
फर्रुखाबाद। जिले में आलू की खुदाई के बावजूद इन दिनों मंडियों में अपेक्षित रौनक देखने को नहीं मिल रही है। मंडियों में सन्नाटा पसरा हुआ है, क्योंकि किसान अपनी उपज को तुरंत बेचने के बजाय कोल्ड स्टोरेज में भंडारण करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वर्तमान में मंडियों में आलू के दाम अपेक्षाकृत कम चल रहे हैं। ऐसे में यदि अभी फसल बेच दी जाए तो लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में किसान आलू को सीधे मंडी में लाने के बजाय कोल्ड स्टोरेज में जमा करा रहे हैं, ताकि बाद में बेहतर कीमत मिलने पर बिक्री की जा सके।
मंडी व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मंडियों में आलू की आवक कम हुई है। जहां पहले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगती थीं, वहीं अब खरीददार और व्यापारी भी सीमित संख्या में दिखाई दे रहे हैं।
उधर कोल्ड स्टोरेज केंद्रों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसान लगातार आलू की बोरियां स्टोरेज में जमा करा रहे हैं। कई स्थानों पर स्टोरेज की क्षमता भी तेजी से भरती जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में बाजार में मांग बढ़ती है तो कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू किसानों को बेहतर मुनाफा दिला सकता है। फिलहाल जिले में आलू की खुदाई के बीच मंडियों में सन्नाटा और कोल्ड स्टोरेज में भंडारण का रुझान साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।
मंडियों में सन्नाटा, किसान कोल्ड स्टोरेज भंडारण की ओर झुके


