भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण, सूतक काल मान्य नहीं — श्रद्धालुओं में जिज्ञासा बढ़ी
फर्रुखाबाद।तीन मार्च को वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खगोलीय घटनाओं में विशेष महत्व रखने वाले इस ग्रहण को लेकर लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं रहेगा और मंदिरों के पट भी सामान्य रूप से खुले रहेंगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्र ग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा—ग्रहण आरंभ: सुबह 6:20 बजे,मध्यकाल: सुबह 8:20 बजे,ग्रहण समाप्त: सुबह 10:46 बजे तक रहा।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका धार्मिक दृष्टि से विशेष प्रभाव नहीं माना जाएगा। आमतौर पर चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और सूतक काल में पूजा-पाठ व शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसी कोई बाध्यता नहीं रहेगी।
सोशल मीडिया पर इस ग्रहण को लेकर कई तरह की जानकारियां साझा की जा रही हैं। राजस्थान के सिंगाना क्षेत्र सहित राजस्थान के कई जिलों में भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। खगोल विज्ञान के जानकारों का कहना है कि यह एक सामान्य खगोलीय घटना है और इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रमाणित जानकारी पर ही विश्वास करें। वहीं खगोल प्रेमियों के लिए यह अवसर विशेष रहेगा, जहां ग्रहण दिखाई देगा वहां इसे सुरक्षित तरीके से देखा जा सकेगा।
चंद्र ग्रहण भले ही भारत में प्रत्यक्ष न हो, लेकिन इसकी चर्चा ने एक बार फिर अंतरिक्ष और खगोलीय घटनाओं के प्रति लोगों की जिज्ञासा को बढ़ा दिया है।
3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें समय और क्या रहेगा असर


