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Saturday, February 28, 2026

आलू के दामों में ₹70 प्रति कुंतल का उछाल, होली से पहले बाजार में तेजी

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फर्रुखाबाद। एशिया की बड़ी आलू मंडियों में शुमार सातनपुर मंडी में इस सप्ताह आलू के दामों में उछाल देखने को मि रहा है। शनिवार को ₹70 प्रति कुंतल की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। होली के त्योहार की आहट के साथ ही बाजार में मांग तेज हो गई है, जिसका सीधा असर कीमतों और आमद दोनों पर देखा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में यदि मांग इसी तरह बनी रही तो भाव में और मजबूती आ सकती है।

शनिवार को मंडी में आलू का भाव निबल क्वालिटी में ₹301 से ₹401 प्रति कुंतल रहा। सामान्य छट्ठा आलू ₹401 से ₹501 प्रति कुंतल बिका। सुपर साउथ क्वालिटी के दाम ₹501 से ₹601 तक पहुंचे। 3797 और चिप्सोना किस्म का आलू ₹601 से ₹701 प्रति कुंतल के बीच रहा, जबकि हालैंड किस्म के आलू ने ₹701 से ₹851 प्रति कुंतल तक का स्तर छू लिया। पिछले सप्ताह की तुलना में अधिकांश श्रेणियों में औसतन ₹60 से ₹70 तक की तेजी दर्ज की गई है।

मंडी में लगभग 125 मोटर आलू की आमद दर्ज की गई। हालांकि यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में संतोषजनक मानी जा रही है, लेकिन व्यापारियों के अनुसार त्योहार नजदीक आने के कारण बाहर की मंडियों से मांग बढ़ने लगी है। खासकर पूर्वांचल, मध्य प्रदेश और राजस्थान के थोक व्यापारियों की खरीद में तेजी देखी गई है।

आलू व्यापार से जुड़े आढ़तियों का कहना है कि होली के अवसर पर घरेलू खपत बढ़ जाती है। नमकीन, चिप्स और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रोसेसिंग क्वालिटी के आलू की खपत में उछाल आता है। यही कारण है कि चिप्सोना और 3797 जैसी किस्मों के दाम अपेक्षाकृत अधिक बढ़े हैं।

किसानों के चेहरे पर इस तेजी से संतोष झलक रहा है। लंबे समय तक स्थिर या दबाव में रहे भाव के बाद आई यह मजबूती उन्हें कुछ राहत दे रही है। हालांकि कई किसान यह भी मानते हैं कि लागत में बढ़ोतरी—जैसे बीज, खाद और डीजल के दाम—को देखते हुए यह तेजी अभी पर्याप्त नहीं है।

मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और आमद में अचानक बढ़ोतरी नहीं हुई तो अगले सप्ताह तक भाव में स्थिरता के साथ हल्की तेजी बनी रह सकती है। वहीं, त्योहार के बाद मांग में संभावित कमी आने पर दामों में कुछ नरमी भी आ सकती है।

फिलहाल सातनपुर मंडी में आलू की कीमतों में आई यह तेजी स्थानीय बाजार से लेकर बाहरी व्यापारिक हलकों तक चर्चा का विषय बनी हुई है। होली के रंगों के बीच आलू बाजार की यह गर्मी किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए खास मायने रखती है।

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