ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इजरायल में अपने दूतावास कर्मचारियों की संख्या घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों की आपात स्थिति में आवश्यकता नहीं है, उन्हें परिवार सहित इजरायल छोड़ने की अनुमति दे दी गई है। यह निर्णय सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट पर जारी सूचना के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने इजरायल मिशन से सभी गैर-आपात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वैच्छिक वापसी को अधिकृत किया। बयान में कहा गया कि जब तक वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध हैं, तब तक संबंधित लोगों को देश छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
दूतावास ने हालांकि सुरक्षा जोखिमों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन संकेत दिया है कि क्षेत्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं। इजरायल और आसपास के इलाकों में संभावित खतरों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
अमेरिकी दूतावास ने इजरायल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को भी सलाह दी है कि वे बिना आवश्यक कारण यात्रा करने से बचें और सुरक्षा स्थिति की नियमित निगरानी करते रहें। साथ ही, यात्रा की योजना बना रहे लोगों से अपने कार्यक्रमों पर पुनर्विचार करने को कहा गया है।
विशेष रूप से उत्तरी इजरायल और मिस्र से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने से परहेज करने की सख्त हिदायत दी गई है। इन क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
बयान में कहा गया है कि आतंकी और उग्रवादी समूह इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा में संभावित हमलों की साजिश रच सकते हैं। ऐसे हमले बिना किसी पूर्व चेतावनी के पर्यटक स्थलों, बाजारों, शॉपिंग मॉल्स या सार्वजनिक परिवहन को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी कहा कि स्थानीय सुरक्षा स्थिति जटिल है और बहुत तेजी से बदल सकती है। अचानक हिंसा भड़कने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए नागरिकों को अपने व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों को सख्ती से अपनाने की सलाह दी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का संकेत है। ईरान और इजरायल के बीच टकराव की आशंकाओं ने अमेरिका को अपने राजनयिक और नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने पर मजबूर किया है।
हालांकि दूतावास पूरी तरह बंद नहीं किया गया है और आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल क्षेत्रीय स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है। कूटनीतिक हल की संभावनाओं के बीच सुरक्षा तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।


