बरेली। Mahatma Jyotiba Phule Rohilkhand University के अनुसंधान निदेशालय, रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन और Vijnana Bharati के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “प्राचीन ज्ञान से आधुनिक विज्ञान तक विकसित भारत की आधारशिला” निर्धारित की गई। आयोजन में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य अतिथि प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण सिंह ने भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता C. V. Raman के वैज्ञानिक अनुसंधान और खोजों के महत्व से सभी को अवगत कराया। उन्होंने युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकता है।
विशिष्ट अतिथि आशुतोष ने विज्ञान भारती द्वारा विज्ञान के प्रसार और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. योगेश सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अनुसंधान निदेशालय एवं रुहेलखंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा विश्वविद्यालय में स्टार्टअप संस्कृति, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अंत में डॉ. विकास ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभागीय कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई, जिसमें डॉ. प्रवीण सिंह को संभाग संयोजक, डॉ. रवि शरण सिंह को विद्यार्थी विज्ञान मंथन राज्य समन्वयक, डॉ. सौरभ अग्रवाल को महानगर अध्यक्ष, डॉ. नवीन कुमार को महानगर सचिव तथा डॉ. जसपाल सिंह को नीड मिशन महानगर संयोजक का दायित्व सौंपा गया। कार्यक्रम में प्रो. यतेंद्र कुमार और प्रो. आलोक श्रीवास्तव समेत अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे।


