एटा। स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही बरतना 13 कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न करने के कारण इन कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ कार्यालय स्थित मलेरिया विभाग में करीब 14 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें मलेरिया निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ शामिल है। शासन स्तर से सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया था कि वे मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण भरकर डाटा लॉक करें। यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई थी ताकि कर्मचारियों की संपत्ति का अद्यतन रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध रहे।
बताया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर केवल एक कर्मचारी ने ही पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज कर डाटा लॉक किया, जबकि शेष 13 कर्मचारियों ने इस आदेश की अनदेखी की। इसे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना मानते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण भरने का स्लॉट फिलहाल लॉक कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों ने समय रहते विवरण नहीं भरा, उन्हें अब अगला अवसर मिलने तक इंतजार करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन कर्मचारियों का विवरण लंबित है, उनका वेतन फिलहाल रोका गया है और होली के अवसर पर भी उन्हें वेतन प्राप्त नहीं होगा।
इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि भविष्य में ऐसे आदेशों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति विवरण को अनिवार्य रूप से लागू कर रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर अंकुश लगाया जा सके।
मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण न भरने पर 13 स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोका, सीएमओ ने जारी किया नोटिस


