गाजीपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शुक्रवार को गाजीपुर पहुंचीं और पुलिस लाइन परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 13 गांवों के 69 दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरीं, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह कार से पुलिस लाइन ऑडिटोरियम पहुंचीं और वहां बच्चों व उनके परिजनों से संवाद किया।
राज्यपाल ने बच्चों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन बच्चों के समुचित इलाज, पोषण और विशेष शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिले के सदर, देवकली और मनिहारी ब्लॉक से जुड़े गांव—फतेहउल्लाहपुर, हरिहरपुर, छोटी जंगीपुर, शिकारपुर, बूढ़नपुर, भौरहां, धारीकला, गोला, राठौली, हरखुपुर, भीखेपुर, हाला और अगस्ता—में पिछले एक दशक से कई बच्चे विभिन्न प्रकार की मानसिक एवं शारीरिक दिव्यांगता से प्रभावित पाए गए हैं। राज्यपाल के निर्देश पर ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम इन बच्चों की जांच कर रही है और विस्तृत स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
प्रशासन की ओर से गांवों से बच्चों को लाने के लिए एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास और बेहतर उपचार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों में इस प्रकार के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, वहां विशेष स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
निर्धारित समय के अनुसार राज्यपाल दोपहर 12:20 बजे हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गईं। उनके दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस लाइन परिसर में सुबह से ही चहल-पहल बनी थी।






