31.8 C
Lucknow
Friday, February 27, 2026

युवा, तुम्हारी ऊर्जा तुम्हें बना भी सकती है… मिटा भी सकती है

Must read

शुभम
तुम्हारी उम्र आग की तरह है। यह आग रोशनी भी दे सकती है और सब कुछ जला भी सकती है। फर्क सिर्फ दिशा का है। आज का युवा सबसे ज्यादा ताकतवर है—शारीरिक रूप से, तकनीकी रूप से, और सोच के स्तर पर। लेकिन यही युवा सबसे ज्यादा भटका हुआ भी दिखाई देता है।
उभरते हार्मोन्स तुम्हारे अंदर बेचैनी, आकर्षण, महत्वाकांक्षा और विद्रोह पैदा करते हैं। तुम्हें लगता है कि दुनिया तुम्हें समझ नहीं रही। गुस्सा जल्दी आता है, प्यार जल्दी होता है, और फैसले भी जल्दी ले लिए जाते हैं। लेकिन सच यह है कि यही “जल्दी” कई बार जिंदगी को पटरी से उतार देती है।
सोशल मीडिया ने तुम्हें एक आभासी मंच दे दिया है, जहां सब कुछ चमकदार दिखता है—सिक्स पैक बॉडी, लग्जरी लाइफ, महंगी गाड़ियां, फेम और फॉलोअर्स। तुम तुलना करते हो, खुद को कम आंकते हो, और फिर शॉर्टकट ढूंढते हो। कोई सप्लीमेंट, कोई पाउडर, कोई वायरल ट्रेंड… जो रातों-रात तुम्हें “खास” बना दे। लेकिन याद रखो—जो चीज जल्दी बनती है, वह जल्दी टूटती भी है।
हार्मोनल ऊर्जा तुम्हें आकर्षण की ओर खींचती है। गलत संगति, नशा, अश्लील कंटेंट, आक्रामक व्यवहार—ये सब उसी अनियंत्रित ऊर्जा के रूप हैं। शुरुआत रोमांच लगती है, अंत अक्सर पछतावे में होता है। एक गलत वीडियो, एक गलत पोस्ट, एक गलत कदम—और भविष्य दांव पर लग जाता है।
तुम्हारे अंदर जो उबाल है, वही तुम्हें खिलाड़ी भी बना सकता है, वैज्ञानिक भी, पत्रकार भी, उद्यमी भी। फर्क सिर्फ इतना है कि तुम उस उबाल को दिशा देते हो या वह तुम्हें दिशा देता है। जिम में पसीना बहाना आसान है, लेकिन चरित्र बनाने के लिए अनुशासन चाहिए। भीड़ के साथ चलना आसान है, लेकिन सही के लिए खड़ा होना हिम्मत मांगता है।
आज देश को ताकतवर युवा चाहिए, उत्तेजित युवा नहीं। सोचने वाला युवा चाहिए, बहकने वाला नहीं। अगर तुम अपनी ऊर्जा को पढ़ाई, खेल, कौशल और आत्मनिर्माण में लगाओगे, तो वही हार्मोन्स तुम्हारी सफलता का ईंधन बनेंगे। अगर तुम उन्हें गुस्से, अहंकार और शॉर्टकट में झोंक दोगे, तो वही ऊर्जा तुम्हें अंदर से खोखला कर देगी।
सवाल यह नहीं है कि तुम्हारे अंदर कितनी आग है। सवाल यह है कि तुम उससे क्या जलाना चाहते हो—अपना भविष्य या अपनी सीमाएं?
याद रखो, युवावस्था एक मौका है, स्थायी अवस्था नहीं। जो आज संभल गया, वही कल इतिहास लिखेगा। जो आज बहक गया, वह कल उदाहरण बनेगा—लेकिन चेतावनी के रूप में।
फैसला तुम्हारे हाथ में

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article