नई दिल्ली: देश के विधि क्षेत्र से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की सुपुत्री और समाजसेवी सुश्री लता सिंह (former Union Minister RCP Singh) ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) परीक्षा उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज में भी गौरव का भाव जगाया है।
देश की कठिनतम विधिक परीक्षाओं में एक
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एओआर परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रतिष्ठित विधिक परीक्षाओं में गिनी जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष लगभग 5000 अधिवक्ताओं ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से मात्र 207 अभ्यर्थी ही सफल हो सके। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में सफलता प्राप्त करना गहन विधिक ज्ञान, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रमाण माना जाता है।
परिवार के लिए दोहरी उपलब्धि
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि परिवार के लिए भी विशेष गौरव का क्षण है। बताया जाता है कि परिवार की एक संतान भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित है, जबकि अब लता सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में मान्यता प्राप्त कर परिवार की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ा है। परिवार के निकटस्थ लोगों का कहना है कि सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित की भावना इस परिवार की पहचान रही है, जिसका परिणाम आज इस रूप में सामने आया है।
समाज के लिए प्रेरणा
विधि जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि एओआर की सफलता युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाता है कि स्पष्ट लक्ष्य, कठोर परिश्रम और नैतिक प्रतिबद्धता के साथ किसी भी ऊँचाई को छुआ जा सकता है।
शुभकामनाओं का सिलसिला
इस अवसर पर समाजसेवी आशीष रंजन सिंह एवं डॉ. राजेश वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सुश्री लता सिंह को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लता सिंह की यह उपलब्धि न केवल विधि क्षेत्र में नई पहचान है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए यह संदेश भी है कि संघर्ष और संस्कार मिलकर सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं।


