फर्रूखाबाद। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष बैठक आयोजित की गई। शासन स्तर पर इस योजना की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है, जिसके क्रम में जनपद स्तर पर लंबित एवं निरस्त आवेदनों की स्थिति पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार द्विवेदी ने की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के अंतर्गत बैंक शाखाओं द्वारा ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कई आवेदन पत्र विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं तथा बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, जिससे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की प्राप्ति प्रभावित हो रही है।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं के प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निरस्त किए गए आवेदनों पर पुनर्विचार करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही लंबित आवेदनों का गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है, ऐसे में बैंक स्तर पर अनावश्यक देरी या तकनीकी आधार पर आवेदनों को लंबित रखना उचित नहीं है। सभी बैंक युद्ध स्तर पर ऋण वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्यों को मार्च 2026 तक पूर्ण किया जा सके।
बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगामी समीक्षा बैठक में प्रगति की पुनः जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।


