जलधारा मिशन के बाद उखड़ी सड़कें, खाद-बिजली संकट से जूझता किसान
अफसरों की गैरमौजूदगी पर भड़के वित्तमंत्री, बोले जनहित कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
शाहजहाँपुर/कांट: क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य कुसुम नीरज मिश्रा ने आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुखर स्वर में मुद्दे उठाए। प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव तथा मुख्य विकास अधिकारी अपराजिता सिंह की उपस्थिति में विकास कार्यों की हकीकत खुलकर सामने रखी गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि विपक्षी दल से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में जनहित को सर्वोपरि रखा और क्षेत्र में सर्वाधिक समस्याओं का समाधान कराया।
इसके बावजूद कई मूलभूत सुविधाएं आज भी अधूरी हैं, जिन पर तत्काल ध्यान अपेक्षित है। उन्होंने जलधारा मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आरोप लगाया कि खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में आवागमन बाधित है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ से आमजन, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बैठक में किसानों की पीड़ा भी सामने रखी गई। यूरिया और डीएपी खाद की कमी से रबी फसलों पर संकट मंडरा रहा है।
सिंचाई के समय बिजली आपूर्ति अपर्याप्त रहने तथा लो वोल्टेज की समस्या से ट्यूबवेल सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहे। साथ ही कई नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित है। ग्रामीण अंचल में युवाओं के लिए खेल मैदान, विद्यार्थियों के लिए सार्वजनिक पुस्तकालय और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मांग भी जोरदार ढंग से रखी गई। सदस्य ने कहा कि बिना आधारभूत ढांचे के समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी है।
बैठक के दौरान संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी और जनहित कार्यों में शिथिलता पर जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक के बाद क्षेत्र में यह चर्चा रही कि उठाए गए मुद्दों पर यदि समयबद्ध कार्रवाई होती है तो लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की राह खुल सकती है। जनप्रतिनिधियों ने भी भरोसा जताया कि अब विकास कार्यों में गति आएगी और जनता को राहत मिलेगी।


