फर्रुखाबाद: जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी (DM) डॉ० आशुतोष कुमार द्विवेदी ने खिमसेपुर नगर पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के अभिलेखों के रख-रखाव, जन्म–मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था, चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, स्वच्छता व्यवस्था तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में संचालित जनसुनवाई कक्ष का निरीक्षण कर शिकायत पंजिका और निस्तारण रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना या औपचारिकता के तौर पर निस्तारण दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था अपेक्षाकृत संतोषजनक पाई गई, हालांकि जिलाधिकारी ने इसे और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों को सुव्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखने, आवश्यक फाइलों के डिजिटलीकरण पर जोर देने तथा कार्यालय परिसर में पेयजल, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
डॉ० द्विवेदी ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था नियमित रूप से संचालित हो और किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित न होने पाए। जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र केवल वास्तविक आवेदक को ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके।
उन्होंने चल रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रकरण का स्थलीय निरीक्षण कर शिकायतकर्ता से सीधे वार्ता की जाए और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्पेशल क्लोज किए गए मामलों की पुनः समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका निस्तारण वास्तविक रूप से हुआ है।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।


