चंडीगढ़: लुधियाना (Ludhiana) में बिगड़ती कानून व्यवस्था (Law and order) को उजागर करने वाली एक भयावह घटना में, मंगलवार सुबह व्यस्त सेडा चौक इलाके में दो हथियारबंद हमलावरों ने एक स्थानीय कारोबारी को निशाना बनाया। यह हमला सुबह करीब 11:00 बजे हुआ, जब बाजार में खरीदारों और यात्रियों की भीड़ रहती है। हमलावरों ने न केवल पीड़ित को लूटने का प्रयास किया, बल्कि एक धारदार बर्फ तोड़ने वाले औजार (जिसे आमतौर पर ‘सुआ’ कहा जाता है) से जानलेवा हमला भी किया।
खबरों के अनुसार, पीड़ित अपनी दुकान की ओर सफेद एक्टिवा स्कूटर पर जा रहा था, तभी काले स्कूटर पर सवार दो युवकों ने उसे रोक लिया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों को कारोबारी को सड़क के बीच में घेरते और जबरदस्ती धक्का देते हुए दिखाया गया है। जब पीड़ित ने विरोध करने की कोशिश की, तो बदमाशों ने बर्फ तोड़ने वाले औजार से उस पर कई वार किए और फिर मौके से फरार हो गए।
सर्विलांस कैमरों में कैद इस अपराध का सबसे भयावह पहलू जनता की उदासीनता थी। सबके सामने हिंसक झड़प होते देख, कई राहगीर और वाहन चालक घटनास्थल से बिना किसी हस्तक्षेप या संकटग्रस्त व्यवसायी की सहायता किए बिना आगे बढ़ते हुए देखे गए। सामाजिक साहस की इस कमी ने स्थानीय समुदाय में व्यापक निंदा और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
इस घटना के बाद कारोबारी समुदाय में तुरंत आक्रोश फैल गया। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारी संघ के प्रमुख ने घटनास्थल पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ते अपराध पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारी अब अपने दैनिक कामकाज के दौरान भी लगातार डर में जी रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर पुलिस दिन दहाड़े भीड़भाड़ वाले बाजार में सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो आम जनता की सुरक्षा खतरे में है।
लुधियाना पुलिस ने औपचारिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आंदोलनकारी व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अधिकारी फिलहाल संदिग्धों के भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। व्यापारी समुदाय ने त्वरित न्याय की मांग करते हुए जोर दिया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए अपराधियों की गिरफ्तारी बेहद जरूरी है।


