फर्रुखाबाद| सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने सर्राफा बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है। रोजाना भाव बदलने के कारण न तो ग्राहक खुलकर खरीदारी कर पा रहे हैं और न ही व्यापारी निश्चित रणनीति बना पा रहे हैं। कीमतों में अनिश्चितता के चलते बाजार में सुस्ती का माहौल बना हुआ है।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ समय से सोने के दाम कभी अचानक बढ़ रहे हैं तो कभी गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं चांदी के भाव भी स्थिर नहीं हैं। ग्राहक जब बाजार पहुंचते हैं तो उन्हें अलग-अलग दिन अलग कीमतें सुनने को मिलती हैं, जिससे वे खरीदारी का निर्णय टाल देते हैं। लोगों को डर है कि आज खरीदी गई ज्वैलरी का दाम अगले ही दिन कम न हो जाए।
व्यापारियों का कहना है कि आमतौर पर इस समय शादी-विवाह, तिलक, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के कारण सोने-चांदी की मांग में तेजी रहती है, लेकिन इस बार कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ग्राहकों की रुचि कम कर दी है। छोटे और मध्यम स्तर के सर्राफा व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उनकी बिक्री रोजमर्रा की खरीद पर निर्भर रहती है।
बाजार जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आर्थिक उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक राजनीतिक घटनाओं का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। इसी कारण भाव में स्थिरता नहीं बन पा रही है।
फर्रुखाबाद के सर्राफा बाजार से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यदि दाम कुछ हद तक स्थिर होते हैं तो बाजार में फिर से रौनक लौटेगी। फिलहाल ग्राहक इंतजार की मुद्रा में हैं और व्यापारी भी भाव स्थिर होने की राह देख रहे हैं।





