लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित भरवारा इलाके में अवैध कब्जे के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई उस समय सियासी विवाद में बदल गई, जब बेदीराम के नाम पर गंभीर आरोप सामने आए। नगर निगम का बुलडोजर पहुंचने की सूचना मिलते ही सुभासपा विधायक बेदीराम के भड़कने और प्रशासनिक अमले को धमकाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
लेखपाल को धमकी का आरोप
मामले में आरोप है कि कार्रवाई की सूचना पर विधायक ने एक लेखपाल को फोन कर धमकाया और कहा—“नौकरी करना मुश्किल कर दूंगा।”
बताया जा रहा है कि इस दबाव के बाद नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। यह घटनाक्रम प्रशासनिक कार्रवाई की स्वतंत्रता और राजनीतिक दबाव के सवाल खड़े कर रहा है।
आरोपों के मुताबिक, विधायक ने महिला पार्षद ममता के साथ भी गाली-गलौज की। इस पूरी बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला और गरमा गया है। हालांकि, अभी तक इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वायरल होने के बाद विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अवैध कब्जे को लेकर विवाद
सूत्रों के अनुसार भरवारा इलाके में नाले की जमीन पर अवैध कब्जा बताया जा रहा है, जहां विधायक से जुड़े मैरिज हॉल के निर्माण का भी आरोप लगाया जा रहा है। इसी कथित अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई प्रस्तावित थी।
यह पहला मौका नहीं है जब विधायक बेदीराम विवादों में आए हों। गौरतलब है कि वे पहले पेपर लीक गिरोह से जुड़े मामले में चर्चा में रहे हैं और उस समय एसटीएफ द्वारा कार्रवाई के बाद जेल भी जा चुके हैं। अब सत्ता में रहते हुए दबंगई के आरोप लगने से मामला और संवेदनशील हो गया है।
प्रशासन और राजनीति पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक दबाव में रुक जाती है? विपक्षी दलों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह कानून के राज पर सीधा हमला है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल, वायरल ऑडियो और लगाए गए आरोपों के बाद लखनऊ की राजनीति गरमा गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करता है या यह मामला भी दबाव और बयानबाजी की भेंट चढ़ जाता है।




