कन्नौज। काफी लंबे समय बाद उमेश चंद्र कटियार हत्याकांड में कोर्ट की टेड़ी नजर बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच प्रक्रिया को गति दी है। बीते एक वर्ष से न्याय के लिए दर-दर भटक रहीं स्वर्गीय उमेश चंद्र कटियार की पत्नी को अब तक इंसाफ नहीं मिल सका था, जिससे मामला लगातार चर्चा और सवालों के घेरे में बना हुआ था।
मामले की गंभीरता की जानकारी मिलते ही छत्रपति शिवाजी सेना संगठन सक्रिय हुआ। संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हत्याकांड से जुड़े तथ्यों की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद संगठन ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का निर्णय लिया।
न्यायालय ने उमेश चंद्र कटियार हत्याकांड की जांच कर रहे सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि पिछले एक वर्ष से इस गंभीर मामले में अब तक कोई रिपोर्ट क्यों दाखिल नहीं की गई?
न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिनांक 9 फरवरी तक जांच से संबंधित सभी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
कोर्ट की सख्ती के साथ-साथ आयोग ने भी बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कन्नौज के SSP और CO को तलब करते हुए पूरे मामले में जवाब मांगा है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
छत्रपति शिवाजी सेना संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि अब न्याय में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने ऐलान किया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही संघर्ष समाप्त किया जाएगा।
कोर्ट और आयोग की सक्रियता के बाद उमेश चंद्र कटियार हत्याकांड एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को जल्द इंसाफ मिल पाता है या नहीं।


