कौशांबी: मंझनपुर में एक संस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए लोगों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि संबंधित संस्था शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा (fraud) कर रही है और सरकारी योजनाओं में गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार संस्था द्वारा ऐसे कई बच्चों का नामांकन और वेरिफिकेशन दर्शाया गया है, जो कभी संबंधित विद्यालयों में पढ़े ही नहीं। विद्यालयों के मूल प्रवेश रजिस्टर और प्रधानाध्यापकों से सत्यापन कराने के बजाय संस्था के कर्मचारियों ने अपना अलग रजिस्टर तैयार किया और कागजों में ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली।
डोर-टू-डोर सर्वे को लेकर भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि जो बच्चे पहले से सरकारी और निजी स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे थे, उन्हें अनामांकित या ड्रॉपआउट की श्रेणी में दिखा दिया गया, जिससे वास्तविक स्थिति को छिपाया गया।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल सरकारी आंकड़ों को प्रभावित किया गया, बल्कि योजनाओं की झूठी सफलता भी प्रदर्शित की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।


