फर्रुखाबाद: कलेक्ट्रेट सभागार (Collectorate Auditorium)में जिलाधिकारी (DM)आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने सभी सात विकास खंडों से कल या परसों तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि कहां-कहां आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं और किन स्थानों पर कोल्ड चेन व्यवस्था बाधित है।
जिलाधिकारी ने शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय को लेकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित कर सेवा मुक्त करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ को प्रतिदिन निगरानी करने और अधीनस्थों से आवश्यक डाटा रोजाना प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर भी सख्ती दिखाई गई। जिलाधिकारी ने प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिए कि अधीनस्थों से शत-प्रतिशत योगदान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने प्रतिरक्षण अधिकारी और अधीनस्थों के कार्य को भी असंतोषजनक बताया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कायमगंज में मात्र 41 प्रतिशत कार्य होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए तथा निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी कर निलंबित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने एजेंडा को रूपांतरित करने के निर्देश देते हुए कहा कि टीकाकरण में विभाग की प्रगति अच्छी है, लेकिन अन्य कार्यों में गति लानी होगी। उन्होंने चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि एक ही कार्य के त्रिआयामी और बेहतर परिणाम मिल सकें। बीएसए से सभी स्कूलों, उनमें पढ़ने वाले बच्चों और उनके क्षेत्र का विवरण प्राप्त करने को कहा गया तथा किसी स्कूल के सहयोग न करने की स्थिति में तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन सुबह 9 बजे किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


