लखनऊ| भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2026 में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘वीबी जी राम जी’ योजना के माध्यम से अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत मनरेगा का नाम बदलकर उसे नए स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है और इसे ग्रामीण रोजगार, आजीविका सृजन तथा विकास से जोड़ने की पहल की गई है। पार्टी का फोकस है कि इस योजना को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव-गरीब और मजदूर वर्ग से भावनात्मक रूप से जुड़ी योजना के रूप में स्थापित किया जाए।
भाजपा सूत्रों के अनुसार 13 जनवरी को लखनऊ में इस योजना को लेकर एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और हरियाणा के वरिष्ठ नेता ओपी धनकड़ सांसदों और विधायकों को संबोधित करेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को ‘वीबी जी राम जी’ योजना की अवधारणा, उद्देश्य और इसके राजनीतिक व सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को यह समझाना है कि किस तरह इस योजना के माध्यम से ग्रामीण जनता को रोजगार और आजीविका से जोड़ते हुए उनसे भावनात्मक संबंध मजबूत किया जाए। साथ ही, विपक्षी दलों द्वारा मनरेगा और ग्रामीण रोजगार को लेकर उठाए जा रहे सवालों का राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर कैसे जवाब दिया जाए, इस पर भी रणनीति तय की जाएगी।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि ‘वीबी जी राम जी’ योजना के जरिए गांव, गरीब, किसान और मजदूर को केंद्र में रखकर विकास का नया नैरेटिव तैयार किया जा सकता है। पार्टी इस योजना को 2026 के चुनावों से पहले एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी में है, ताकि सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सके।

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