लखनऊ| राजभवन स्थित गोशाला में तीन गोवंश की मौत के मामले को शासन ने गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है। इस प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत जायसवाल और पशुधन प्रसार अधिकारी सौरभ गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही गोशाला में नए पशु चिकित्साधिकारी की नियमित तैनाती के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जानकारी के अनुसार, राजभवन की गोशाला में कुछ समय के अंतराल पर एक बछिया और दो बछड़ों की मौत हो गई थी। तीनों गोवंश का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट राजभवन प्रशासन द्वारा पशुपालन विभाग को भेजी गई। जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट में कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत जायसवाल और पशुधन प्रसार अधिकारी सौरभ गुप्ता को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। पशुपालन निदेशक (रोग नियंत्रण) डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया था, जिसके बाद शासन से औपचारिक रूप से निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि गोशाला में दूसरे पशु चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है, जिससे पशुओं के उपचार और देखभाल की व्यवस्था सुचारु रूप से की जा सके।
इस मामले पर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सर्दी के मौसम को देखते हुए प्रदेश की सभी गोशालाओं में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गोशालाओं में पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराया जाए और पशुओं के उपचार की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए। मंत्री ने कहा कि राजभवन की गोशाला में हुई घटना को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित पशु चिकित्साधिकारी व पशुधन प्रसार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
पशुधन मंत्री ने प्रदेश के सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्दी के मौसम में लगातार निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी पशुओं को ठंड न लगे। इसके लिए गोशालाओं में पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता न हो।






