प्रयागराज/फर्रुखाबाद। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर माघ मेला 2026 का शुभारंभ श्रद्धा, आस्था और भक्ति के माहौल में हुआ। त्रिवेणी संगम पर तड़के सुबह से ही स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के अनुसार सुबह 10 बजे तक करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई, जबकि सुबह 8 बजे तक यह संख्या 6 लाख 50 हजार के पार पहुंच चुकी थी। संगम तट पर हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गंगा आरती कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
माघ मेले के पहले स्नान पर्व को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार लगभग 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) भी लगातार निगरानी कर रही है। संगम क्षेत्र में चेंजिंग रूम, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही कल्पवासियों ने भी संगम क्षेत्र में अपने-अपने शिविरों में डेरा डाल लिया है। साधु-संतों, अखाड़ों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से मेला क्षेत्र पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया है। उधर, माघ मेले के दौरान सुरक्षा जांच में दो कथित बाबाओं को नकली नोट चलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उनके पास से चूरन वाली नकली नोट बरामद हुई हैं, जबकि पुलिस जांच में उनके आधार कार्ड भी फर्जी पाए गए हैं। मेला पुलिस दोनों का सत्यापन कर रही है।
वहीं, प्रमुख स्नान पर्व के चलते मेले में नावों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे नाविकों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। नाविकों का कहना है कि उन्होंने 25 दिसंबर से पहले ही रजिस्ट्रेशन के लिए सभी कागजात जमा कर दिए थे, इसके बावजूद अब तक उनका पंजीकरण नहीं किया गया। इस पर मेला प्रशासन का कहना है कि प्रमुख स्नान पर्व पर सुरक्षा कारणों से नाव संचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है और नाविकों का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में है।
प्रयागराज के साथ-साथ गंगा तटों पर अन्य जिलों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। फर्रुखाबाद में सुबह से अब तक करीब 25 हजार लोगों ने गंगा में स्नान किया। प्रशासन ने यहां भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बरती है। पौष पूर्णिमा के इस पहले स्नान पर्व ने माघ मेला 2026 की भव्य और ऐतिहासिक शुरुआत कर दी है।






