घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप, विभागीय मिलीभगत की आशंका
फर्रुखाबाद: लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कंपिल क्षेत्र में स्वीकृत बिराहिमपुर–नरोत्तमपुर से शाहपुर गंगपुर संपर्क मार्ग पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नाला निर्माण और सीसी सड़क (cc road) का कार्य शुरू करा दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कार्य नियमों को ताक पर रखकर, भ्रष्टाचार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण स्थल पर टेंडर स्वीकृति, कार्यदायी संस्था, लागत व समय-सीमा से संबंधित कोई भी सूचना पट नहीं लगाया गया है, जो नियमानुसार अनिवार्य होता है। इसके बावजूद सड़क निर्माण से पहले नाला निर्माण और लगभग 70 मीटर लंबी सीसी सड़क का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
मौके पर निरीक्षण करने पर यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य में मानकविहीन और बेहद घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर कच्ची, टूटी-फूटी, असमान आकार की ईंटें लगी हुई हैं, वहीं मसाले (सीमेंट-बालू) की गुणवत्ता भी बेहद निम्न स्तर की बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के निर्माण से सड़क की उम्र बहुत कम होगी और सरकारी धन की बर्बादी तय है।
ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने निर्माण कर रहे ठेकेदार से इस संबंध में आपत्ति जताई तो ठेकेदार ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि “टेंडर चार–पांच दिन में खुलने की संभावना है और उससे पहले ही पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के निर्देश पर काम कराया जा रहा है।” ठेकेदार का यह बयान पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है तथा विभागीय संरक्षण की ओर सीधा इशारा करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साठगांठ का परिणाम है। यदि टेंडर से पहले ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है, तो फिर टेंडर प्रक्रिया का औचित्य ही क्या रह जाता है। इससे न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है, बल्कि निर्माण गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि इस संपर्क मार्ग के निर्माण की स्वीकृति की जानकारी पहले सुरभि गंगवार द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई थी, जिससे क्षेत्रवासियों में बेहतर सड़क बनने की उम्मीद जगी थी। लेकिन टेंडर से पहले ही घटिया सामग्री के साथ निर्माण शुरू होने से अब इस पूरी परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए, निर्माण सामग्री व कार्य की तकनीकी गुणवत्ता जांच कराई जाए, तथा दोषी ठेकेदार और संबंधित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।


