लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Assembly) में वंदे मातरम (Vande Mataram) पर चर्चा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi) ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया और वंदे मातरम जैसे राष्ट्रगीत को भी विवादों में घसीटा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब तक मो. अली जिन्ना कांग्रेस में थे, तब तक वंदे मातरम को लेकर कोई निर्णायक या बड़ा विवाद नहीं था। लेकिन जैसे ही जिन्ना ने कांग्रेस छोड़ी, उन्होंने वंदे मातरम को मुस्लिम लीग का राजनीतिक औजार बना दिया और इस गीत को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा— “गीत वही रहा, लेकिन एजेंडा बदल गया।” मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से ही मो. अली जिन्ना ने वंदे मातरम के विरोध में नारे बुलंद किए थे। उस समय देश में कांग्रेस की सरकार थी और कांग्रेस के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि 20 अक्टूबर 1937 को पंडित नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखकर यह स्वीकार किया था कि वंदे मातरम की पृष्ठभूमि मुस्लिम समाज को असहज कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यही कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति की शुरुआत थी, जिसने आगे चलकर देश की एकता को कमजोर किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। इसे विवाद का विषय बनाना राष्ट्र की भावना के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज की सरकार राष्ट्रवाद, सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।


