लखनऊ| उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कोडीन कफ सिरप के मुद्दे पर सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विस्तार से दिए गए जवाब के बावजूद विपक्ष ने सदन में हंगामा जारी रखा, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने तीखे और सख्त शब्दों में पलटवार किया। सरकार और विपक्ष के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक से सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया।

खन्ना का सख्त संदेश—सीएम के जवाब के बाद बहस का औचित्य नहीं

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दे चुके हैं। इसके बाद इस मुद्दे को बार-बार उठाना केवल राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। इसके बावजूद विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है और विधानसभा जैसे गरिमामय मंच का दुरुपयोग कर रहा है। खन्ना ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

सीएम योगी का तीखा हमला—नकली दवाओं की मौत का कोई प्रमाण नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में विपक्ष पर तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं के कारण मौतों की जो बात कही जा रही है, उसकी कोई पुष्टि अभी तक शासन के संज्ञान में नहीं आई है। यूपी में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, यहां केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं। इसका निर्माण मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में होता है। जिन मौतों का जिक्र किया जा रहा है, वे अन्य राज्यों से जुड़ी घटनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सदन में मुद्दे उठाने से पहले पूरा अध्ययन करना चाहिए।

एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई का भरोसा

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। सरकार अदालत में भी इस मामले को मजबूती से लड़ रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष का हंगामा—वेल में उतरकर नारेबाजी

सीएम योगी के बयान के बाद भी विपक्षी विधायक शांत नहीं हुए। उन्होंने वेल में उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते सदन में अव्यवस्था का माहौल बन गया।

हंगामे के बाद सदन से वॉकआउट

लगातार हंगामे के चलते विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार इस मामले में बड़े लोगों को बचा रही है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

सरकार का पलटवार—किसी को नहीं मिलेगी राजनीतिक शह

मंत्री संजय निषाद और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। सरकार ने अब तक कई आरोपियों को जेल भेजा है और जांच जारी है। किसी को भी राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

सदन में साफ संदेश—राजनीति नहीं, कानून चलेगा

सरकार ने सदन में यह स्पष्ट संदेश दिया कि कोडीन कफ सिरप के नाम पर राजनीति नहीं होने दी जाएगी। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी और विपक्ष के हर आरोप का जवाब पूरी मजबूती से दिया जाएगा। सदन की कार्यवाही के दौरान सरकार ने एक बार फिर दोहराया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है और भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।

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