सोनभद्र। दुद्धी तहसील के बघाडू गांव में अनसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर उनके माध्यम से जनजातीय समाज की जमीन हड़पने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को इस मामले में दुद्धी में तैनात एसडीएम के पेशकार और तहसीलदार कार्यालय में तैनात लेखपाल को हटाने के साथ ही बघाडू के तत्कालीन लेखपाल को बिंदुवार आरोपपत्र थमाकर जवाब तलब किया गया। साथ ही बैनामों को शून्य घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन के मुताबिक, धारा 80 से जुड़े मामले में एसडीएम के पेशकार सत्यप्रकाश सिंह को हटाकर उन्हें सदर तहसील के राजस्व संग्रह विभाग में सहायक वासिल वाकी नवीस के पद पर तैनात किया गया है। उनकी जगह राकेश कुमार नवीन को दुद्धी में एसडीएम के पेशकार पद पर नियुक्त किया गया है। तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार से जुड़े कामकाज संभाल रहे लेखपाल संतोष यादव को वहां से हटाकर उनके मूल क्षेत्र में भेज दिया गया है। उन पर तहसीलदार को सही जानकारी न देने का आरोप है।
बघाडू के तत्कालीन लेखपाल सुद्दन बैसवार (वर्तमान तैनाती बुटबेढ़वा क्षेत्र) को आरोप पत्र जारी कर अविलंब बिंदुवार जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन पर सही तथ्य छिपाने और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों को खास लाभ पहुंचाने का आरोप है। एसडीएम दुद्धी निखिल यादव ने पेशकार-लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की है और बताया कि मामले में आवश्यक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई जारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जिन महिलाओं का नाम इस्तेमाल किया गया, उनमें नन्हकी नाम की महिला शामिल है। नन्हकी ने प्रशासन को बताया कि उसने स्वयं के लिए कोई जमीन न तो खरीदी न ही बेची। उसके नाम का इस्तेमाल करके अन्य लोगों ने जमीन खरीद-बिक्री की। नन्हकी मूलतः कोरची गांव की रहने वाली हैं। उनकी शादी पहले खजुरी निवासी राजेंद्र से हुई थी, जिनकी कुछ समय बाद मृत्यु हो गई। इसके 10 साल बाद उन्होंने सिंदुरी निवासी अब्दुली गनी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह किया और इस दौरान अपना नाम बदलकर नैमुन्निसा कर लिया। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।
प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि जनजातीय समाज की जमीन को हड़पने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री की सख्ती और प्रशासन की तत्परता के चलते भविष्य में इस प्रकार के मामलों में तुरंत जांच और कार्रवाई की जाएगी। सोनभद्र जिले में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनजातीय समुदाय की संपत्तियों और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार के अनियमित मामलों पर नजर रखें।






