– शहर क्षेत्र का लेखपाल गुर्गे के जरिए करवा रहा जबरन वसूली!
फर्रुखाबाद: शहर के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार (Corruption)के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। एक आवेदक ने सनसनीखेज दावा किया है कि शहर क्षेत्र के लेखपाल संजिव कुमार दुबे द्वारा सुविधा शुल्क (convenience fee) (रिश्वत) न देने पर उसका आय प्रमाणपत्र वास्तविक आय से कई गुना अधिक दर्शाते हुए जारी कर दिया गया। इससे वह कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकता है।
आवेदक के अनुसार, उसने लगभग दस दिन पहले आय प्रमाणपत्र हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन इस दौरान लेखपाल ने एक बार भी पोर्टल पर उसका आवेदन नहीं खोला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि “जब तक सुविधा शुल्क न दिया जाए, आवेदन को छुआ तक नहीं जाता। सत्यापन तो दूर की बात है, फाइल तक नहीं देखी जाती।”
आवेदक ने बताया कि सत्यापन के नाम पर एक व्यक्ति उसके घर पहुंचा और सुविधा शुल्क की मांग की। पैसे देने से इंकार करने पर कुछ ही समय बाद जारी हुए आय प्रमाणपत्र में उसकी आय वास्तविकता से कई गुना अधिक दर्शा दी गई। सबसे बड़ा मामला तब सामने आया, जब आवेदक ने घर पहुंचे उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर ट्रूकॉलर एप पर चेक किया, जिसमें नाम राम द्विवेदी (लेखपाल) दिखा। अब आवेदक यह जानना चाहता है कि यह व्यक्ति वास्तव में सरकारी लेखपाल है या फिर ‘लेखपाल’ बनकर लोगों से वसूली करने वाला कोई और! आवेदक का कहना है, “अगर जांच बैठी तो पूरा रैकेट सामने आ जाएगा।”
क्षेत्र के कई नागरिकों ने भी बताया कि पोर्टल न खोलना, फाइलों में अनावश्यक देरी करना और सुविधा शुल्क की मांग करना इस इलाके में आम शिकायत बन चुकी है। लोग दबाव और मनमानी से परेशान हैं, लेकिन कार्रवाई के डर से आवाज नहीं उठा पा रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि जैसे-जैसे मामला फैल रहा है, लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए जा सकते हैं।


