कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई सिहरन, अयोध्या 6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा; मौसम विभाग ने जारी किया तीन दिन का अलर्ट

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लखनऊ| प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पछुआ हवाओं की तेज रफ्तार ने पूरे प्रदेश में शीतलहर जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ने लगा है। अयोध्या मंगलवार को 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड हुआ। वहीं बरेली और कानपुर में पारा 6.7 डिग्री, जबकि बाराबंकी में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री की और गिरावट हो सकती है। इस बार सर्दी के पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठोर होने की आशंका जताई जा रही है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस बार दिसंबर से फरवरी के बीच तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल सकती है। ला-नीना की कमजोर होती स्थिति और हिंद महासागर के तटस्थ प्रभाव के कारण न केवल रातें सर्द होंगी, बल्कि दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहने की पूरी संभावना है। इससे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर लंबे समय तक खिंच सकता है।

उत्तराखंड में भी सर्द हवाओं का असर गहराता जा रहा है। राजधानी देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी में सुबह का तापमान 8 से 11 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ, जबकि मसूरी, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी और चमोली में न्यूनतम पारा 2 से 6 डिग्री तक पहुंच गया। दिन में हल्की धूप मिल रही है, लेकिन रातें और सुबहें बेहद ठिठुरन भरी बनी हुई हैं।

हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर भी ठंड ने नया रिकॉर्ड बनाया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रभाव तेज हो गया है। ताबो में सोमवार रात तापमान पहली बार इस सीजन में माइनस 8.0 डिग्री तक गिर गया। राजधानी शिमला में भी पहली बार न्यूनतम पारा 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे प्रदेश में रात का पारा लगातार 8 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

मौसम विभाग ने हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों के लिए चार और पांच दिसंबर को हल्की बारिश व बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। पांच दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम में बदलाव और ठंड की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।

प्रदेश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में बढ़ती ठंड ने ऊर्जा की मांग में तेजी से इजाफा किया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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