परिवार पर छाया आर्थिक संकट
कानपुर: बिकरू कांड एक बार फिर सुर्खियों में है। ढाई साल से फरार चल रही आरोपी मनु पांडे (Manu Pandey) ने गुरुवार को कानपुर देहात स्थित माती कोर्ट में आत्मसमर्पण (surrenders) कर पुलिस और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। पुलिस दबिश, कुर्की कार्यवाही और लगातार निगरानी के बावजूद मनु पांडे पुलिस की पकड़ से दूर बनी हुई थी, लेकिन अदालत में अचानक पहुंचकर हुए इस सरेंडर ने मामले में नई हलचल पैदा कर दी है।
सितंबर 2023 में कानपुर पुलिस ने मनु पांडे पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके मकान पर कुर्की की कार्रवाई की थी। इसके बाद भी वह लगातार लोकेशन बदलती रही, जिससे पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने कई राज्यों और ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन मनु हर बार चकमा देने में सफल रही।
शुक्रवार को मनु पांडे बिना किसी पूर्व सूचना के कोर्ट पहुंची और वकील के माध्यम से आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की। अदालत ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उसकी कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में जुटी है, जिससे कई अनुत्तरित सवालों की जांच आगे बढ़ सके।
जांच की शुरुआत में पुलिस ने मनु पांडे को सरकारी गवाह बनाया था। परंतु घटना की रात आरोपियों से कथित बातचीत का एक ऑडियो सामने आते ही मामला पलट गया। इस ऑडियो में मनु पांडे कथित रूप से आरोपियों को पुलिस की लोकेशन बताती सुनी गई। ऑडियो की जांच के बाद उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई और उसे गवाह से हटाकर आरोपी बना दिया गया।
मनु पांडे का सीधा संबंध कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के परिवार से है। वह विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडे की पुत्रवधू है। ज्ञात हो कि बिकरू कांड के अगले दिन प्रेम प्रकाश पांडे का पुलिस मुठभेड़ में एनकाउंटर हुआ था।
2 जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में पुलिस टीम पर घात लगाकर किए गए हमले में आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और इसके बाद विकास दुबे और उसके नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू हुआ।
मनु पांडे के आत्मसमर्पण से अब इस हाई-प्रोफाइल केस में नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस उसकी भूमिकाओं, वार्तालाप और घटना-क्रम की दोबारा पड़ताल कर सकती है। मनु पांडे के फरार रहने और बिकरू कांड में नाम आने से उसका परिवार पहले ही दबावों से गुजर रहा था। अब हालात और बिगड़ गए हैं। मनु की मां सुनीता, जो मंधना स्थित एक मेडिकल कॉलेज में वार्डन थीं, को कॉलेज प्रबंधन ने नौकरी से हटा दिया है।
सुनीता वर्तमान में अपने एक बेटे और बेटी के साथ रहती हैं और अब परिवार पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है।
स्थानीयलोगों का कहना है कि—
“सुनीता का इस पूरे मामले में कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, लेकिन बेटी के कर्मों का असर सीधे उनकी नौकरी पर पड़ा, जिससे उनका परिवार गहरे संकट में आ गया है।”


