– कर्नाटक टेक्स्ट बुक सोसाइटी ने भेजा आधिकारिक पत्र, डीएसईआरटी करेगा पाठ्यक्रम और सिलेबस तैयार
फर्रुखाबाद। जिले के नगला पीतम निवासी अध्यापक नानक चन्द्र के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। कर्नाटक सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग तथा कर्नाटक टेक्स्ट बुक सोसाइटी (रजि.) ने पाली भाषा को कक्षा 6 से 12 तक वैकल्पिक विषय के रूप में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में सोसाइटी की ओर से 15 नवंबर 2025 को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
पत्र में बताया गया है कि विषय से संबंधित पाठ्यक्रम ढांचा और सिलेबस तैयार करने का कार्य डीएसईआरटी (डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के अधिकार क्षेत्र में आता है। 26 सितंबर 2025 को सरकार के अवर सचिव के पत्र तथा 29 सितंबर व 14 नवंबर 2025 को डीएसईआरटी को भेजे गए पत्रों के संदर्भ में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।
कर्नाटक टेक्स्ट बुक सोसाइटी ने संबंधित विभाग को पाली को वैकल्पिक विषय के रूप में लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पत्र में यह भी उल्लेख है कि पूरी प्रक्रिया नानक चन्द्र द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर आगे बढ़ाई गई।
पाली भाषा को बढ़ावा देने के लिए नानक चन्द्र द्वारा किए गए इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षणिक अवसर खोलेगी।






