फिरोजाबाद/अलीगढ़| छात्र अपहरण के मामले में गिरफ्तार सिपाही मोनू तालान की बर्खास्तगी की कार्रवाई पूरी कर दी गई है। आरोपी सिपाही को जेल में नोटिस रिसीव करा दिया गया है और उसे एक सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा गया है। डीसीपी मुख्यालय अली अब्बास ने बताया कि उसकी बर्खास्तगी लगभग तय है। यह दूसरा मामला है जब किसी सिपाही को गंभीर अपराध में संलिप्त होने के कारण बर्खास्त किया जाएगा। इससे पहले, दो करोड़ की लूट की साजिश में गिरफ्तार सिपाही मनोज को बुधवार को बर्खास्त किया गया था।
मामले के अनुसार, बाह के गांव रामपुर चंद्रसैनी निवासी हर्षवर्धन अपने भाई के साथ एसएससी की तैयारी कर रहा था। न्यू आगरा क्षेत्र की एक कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हर्षवर्धन को अलीगढ़ के रहने वाले राहुल और राजकुमार भी जानते थे। थाना सैंया में तैनात मोनू तालान ने राहुल और राजकुमार के साथ मिलकर हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची। 22 सितंबर को सिकंदरा से तीनों ने छात्र को उठाया और परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में 5 लाख रुपये लेकर छात्र को छोड़ दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
आगरा कमिश्नरेट में कई पुलिसकर्मियों पर मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में चोरी के आरोपी को पीटने के मामले में थाना शाहगंज के दो दरोगा फंस चुके हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देश पर दागी पुलिसकर्मियों की सूची बनाई जा रही है और इन्हें विशेष पदों पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, थाना प्रभारी के कारखास और एसओजी के पुलिसकर्मी वर्दी में रहेंगे, और अपराधियों से सांठगांठ पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





