नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणामों के संबंध में भ्रामक विज्ञापन देने के आरोप में प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान दृष्टि IAS पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
CCPA के आदेश में बताया गया कि दृष्टि IAS ने अपने प्रचार में दावा किया था कि उसने 216 उम्मीदवारों को चयनित कराया है। जांच में पाया गया कि यह दावा भ्रामक और वास्तविक तथ्यों के विपरीत था।
CCPA ने कहा कि “कोई भी कोचिंग संस्थान या शिक्षा प्रदाता अपने विज्ञापन में अभ्यर्थियों को गुमराह नहीं कर सकता। शिक्षा क्षेत्र में यह जिम्मेदारी और भी बड़ी होती है क्योंकि छात्र और उनके माता-पिता भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।”
CCPA ने पाया कि दृष्टि IAS के विज्ञापन ने छात्रों और अभ्यर्थियों में गलत उम्मीदें पैदा की थीं। ऐसे प्रचार से अन्य कोचिंग संस्थानों और अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसलिए, CCPA ने सख्त कदम उठाते हुए दृष्टि IAS पर जुर्माना लगाया।
दृष्टि IAS ने अभी तक CCPA के आदेश पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के आदेश शिक्षा और कोचिंग संस्थानों के लिए चेतावनी हैं कि वे अपने प्रचार में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें।
इन दो मामलों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कानून और व्यवस्था की भूमिका को उजागर किया है। एक तरफ सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जमानत के कानूनी पहलू हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ता संरक्षण के नियमों का पालन। दोनों ही मामलों ने नागरिकों और संस्थानों के लिए कानूनी जागरूकता बढ़ाने का काम किया है।






