लखनऊ। वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में 60 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) ने अपनी हीरक जयंती के अवसर पर ‘IDEA’ (IITR Diamond Jubilee Excellence in Academia) व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया।
इस व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार और परिवर्तनकारी विचारों का आदान-प्रदान है। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. आर. पार्थसारथी ने सभा का स्वागत करते हुए मुख्य अतिथि का परिचय कराया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रोफेसर जावेद इकबाल, संस्थापक व अध्यक्ष, इंकोर लाइफ साइंसेज, हैदराबाद, ने “A Directed Transformation of Stem Cells to s by Furan-Based Macrocyclic Small Molecules: Validation by RNA Transcriptomic Analysis” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने स्टेम सेल अनुसंधान में मैक्रोसाइक्लिक अणुओं की भूमिका और उनकी जैविक क्रियाशीलता को विस्तार से समझाया। उनके विचारों ने उपस्थित वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नई शोध संभावनाओं की दिशा में प्रेरित किया।

इस अवसर पर सीएसआईआर-एएमपीआरआई, भोपाल के निदेशक एवं मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. थल्लाडा भास्कर ने कौशल विकास कार्यक्रम के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और उन्हें अनुसंधान के सामाजिक प्रभाव को समझते हुए विज्ञान आधारित कौशल विकास के लिए प्रेरित किया।
सत्र की अध्यक्षता कर रहे डॉ. भास्कर नारायण, निदेशक, सीएसआईआर-आईआईटीआर, ने कहा कि “संस्थान का लक्ष्य अनुसंधान के माध्यम से मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।” उन्होंने विज्ञान को समाजोपयोगी और प्रभावशाली बनाने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया।


