कटरी तौफीक गांव में ग्रामीणों पर मंडराया खतरा, स्कूल भवन ढहने से 232 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
शमसाबाद। कटरी तौफीक गांव में गंगा का कटान लगातार जारी है। नदी की तेज धार में 12 से अधिक किसानों की गन्ने की खड़ी फसल बह गई। वहीं, कटान अब गांव के घरों से महज 20 मीटर दूर रह गया है। इससे ग्रामीणों को अपने परिवार और गृहस्थी की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। दूसरी ओर, गंगा के कटान में संविलियन विद्यालय का भवन ढहने से 232 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
गंगा के कटान से शेरसिंह, पन्नालाल, रामभरोसे, राजू, रामसनेही, रामतीर्थ और अवनीश कुमार समेत अन्य किसानों की गन्ने की फसल नदी में समा गई। खेतों में तैयार हो रही फसल बहने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान इसी तरह जारी रहा तो गांव की आबादी के लिए खतरा और बढ़ सकता है। नदी और मकानों के बीच दूरी कम होने से लोगों में अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
इधर, गंगा के कटान ने गांव के संविलियन विद्यालय का भवन भी निगल लिया। बरसात के दौरान कटान से भवन क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले 232 बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो गई। भवन गिरने के बाद शिक्षकों को पड़ोसी गांव झौआ में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस दौरान बच्चों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
विद्यालय का अपना भवन नहीं होने के कारण कक्षाओं के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। फिलहाल गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र में कक्षाएं चलाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। एक ओर ग्रामीण अपने घरों और खेती को बचाने की चिंता में हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई को सुचारु बनाए रखना भी चुनौती बना हुआ है।


