नियमों की अनदेखी का मामला आया सामने, संविदा परिचालक ने व्हाट्सएप ग्रुप पर उठाए सवाल; एआरएम ने जांच कराने की बात कही
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में ड्यूटी स्लिप और टिकट बैग जारी करने को लेकर विवाद सामने आया है। लखनऊ रूट पर गई बस के कार्यशाला वापस लौटने से पहले ही दूसरे परिचालक के नाम टिकट बैग और ड्यूटी स्लिप जारी कर दी गई। मामले की जानकारी होने पर परिचालक ने विरोध दर्ज कराया और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर एआरएम के नाम शिकायती पत्र डालकर कार्रवाई की मांग की। एआरएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कराने की बात कही है।
रोडवेज बसों में ड्यूटी पर जाने वाले परिचालक को टिकट, वे-बिल और ईटीएम सहित एक बैग जारी किया जाता है। इसके साथ ड्यूटी स्लिप भी दी जाती है। नियमानुसार, रूट पर गई बस के कार्यशाला लौटने और पुराने परिचालक का बैग व ईटीएम जमा होने के बाद ही दूसरे परिचालक को बैग जारी किया जा सकता है। इसके बावजूद बस के वापस आने से पहले ही दूसरा बैग जारी करने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ रूट पर बस में ड्यूटी को लेकर नियमित परिचालक जरनैल सिंह और संविदा परिचालक पंकज मिश्रा के बीच कई दिनों से खींचतान चल रही है। बुधवार सुबह जरनैल सिंह बस लेकर लखनऊ गए थे। उनके वापस लौटने से पहले ही संबंधित पटल से संविदा परिचालक पंकज मिश्रा के नाम उसी बस का दूसरा टिकट बैग जारी कर दिया गया। साथ ही दोपहर करीब तीन बजे उनके नाम ड्यूटी स्लिप भी काट दी गई।
रात करीब 10 बजे बस वापस आने पर जरनैल सिंह ने इस पर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह उन्हें दोबारा बस पर ड्यूटी के लिए भेजने के निर्देश दिए गए। इससे नाराज पंकज मिश्रा ने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर एआरएम के नाम पत्र डालकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पंकज मिश्रा ने पत्र में कहा कि 15 अक्टूबर को लखनऊ रूट पर बस संख्या 7055 में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन उनके अनुसार, दूसरे परिचालक को भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके नाम जारी ड्यूटी स्लिप, टिकट और मार्गपत्र (वे-बिल) उनके पास मौजूद हैं। लखनऊ जाने वाली बस पर जरनैल सिंह को भेजा गया।
इस मामले में एआरएम राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक रूट पर गई बस का पुराना बैग जमा नहीं हो जाता, तब तक दूसरे परिचालक को बैग जारी नहीं किया जा सकता। इससे पहले ड्यूटी स्लिप काटना भी नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि संविदा परिचालक के नाम बैग और ड्यूटी स्लिप जारी करने का मामला उनके संज्ञान में है। फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, हालांकि व्हाट्सएप ग्रुप पर पत्र डाला गया है। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कराने की बात कही है।


